104 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरदी चंद गोठी ने जीती कोरोना से जंग

देश को आजादी दिलाने के लिए अंग्रेजों से टक्कर लेकर अंग्रेजों को परास्त करने वाले 104 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरदीचंद गोठी ने वैश्विक महामारी कोरोना से भी जंग जीत ली है। करीब 20 दिन पूर्व वे कोरोना से पीड़ित हो गए थे। परिजनों ने चिकित्सकों के परामर्श से उन्हें घर मे ही आइसोलेट कर उपचार प्रारंभ कर दिया था। जवानी के दौर में जिस जज्बे के साथ उन्होंने अंग्रेजों से लोहा लिया था उतनी ही ऊर्जा के साथ 104 वर्ष की उम्र में भी कोरोना से लड़ाई लड़ी। शनिवार को पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की कोई जरूरत नही है, बल्कि हमें इससे लड़ना और जीतना है।

उन्होंने बताया कि घर के आसपास के कुछ लोगों को कोरोना हो गया था संभवतः बाहर से आने वालों के कारण मुझे भी हो गया था। सादा जीवन, सादा खाना और डॉक्टरों की मदद से मैं ठीक हो गया हूं घर में रहकर इलाज हुआ और मैं ठीक हो गया परिवार के लोगों ने और काम करने वालों ने मेरी बहुत सेवा की दिन-रात। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोठी के पोते श्रेयांस गोठी का कहना है कि दादाजी का विल पॉवर बेहद स्ट्रांग है और उन्होंने हिम्मत रखी जिसके कारण ज्यादा तकलीफ नही हुई।

पंद्रह बीस दिन हो गए हैं,घर पर ही इलाज चला, डॉक्टर लगातर परामर्श दे रहे थे जिससे वे अब पूरी तरह स्वस्थ हो गए है। बैतूल जिले में आजादी की लड़ाई के दौरान वर्ष 1930 में जंगल सत्याग्रह की शुरुआत हुई थी। तब बिरदीचंद गोठी समेत करीब 400 लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जेल भी गए थे।

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