बेकाबू कोरोनाः 29 दिन में 4254 मरीज मिले, इंजेक्शन और बेड का संकट

बैतूल मीडिया || जिले में कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो गया है। लगातार प्रयास करने के बाद भी मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। अप्रैल महीने के 29 दिन के भीतर ही जिले में 4254 नए मरीज मिल चुके हैं। जबकि एक वर्ष के दौरान मात्र 4837 लोग ही कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे और मात्र 86 लोगों की मौत हुई थी। इस महीने में लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही मौतों का आंकड़ा भी अब तक 126 पर पहुुंच गया है। बढ़ते संक्रमण के बीच मरीजों को न तो सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड मिल पा रहे हैं और न ही जीवनरक्षक दवाएं ही उपलब्ध हो रही हैं। जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है। गुरुवार को मात्र 96 इंजेक्शन ही मिल पाए हैं जिसमें से निजी और सरकारी अस्पताल में भर्ती आधे मरीजों को भी लाभ नहीं मिल पाएगा। इसके साथ ही ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों को भी बेड के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार शाम को जिले के कोविड प्रभारी बनाए गए मंत्री कमल पटेल ने बैतूल पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की और अस्पताल में कुछ पल गेट के बाहर से मरीजों को देखा और रवाना हो गए। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने मंत्री के इस रवैये को लेकर तीखा आरोप लगाया है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के बजाय रस्मअदायगी करने को लेकर मंत्री को आड़े हाथों भी लिया है।

500 सैंपलों की जांच में 123 पॉजीटिवः

कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ राठौर ने बताया कि गुरुवार को 500 सैंपलों की रिपोर्ट आई है जिसमें 123 पॉजीटिव हैं। इनमें भीमपुर ब्लॉक में 1, आठनेर में 5, आमला में 1 और प्रभातपट्टन में महज 2 कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। बैतूल मुख्यालय पर सर्वाधिक 56, सेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 21, मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 11, घोड़ाडोंगरी में 7 मरीज शामिल हैं। जिले में अब तक 9091 लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 1700 से अधिक हो गई है। कोरोना संक्रमण से अब तक 126 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। अभी भी 1100 से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट नहीं आई है।

निजी अस्पतालों में बढ़ेंगे ऑक्सीजन बेडः

बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण ऑक्सीजन बेड की अधिक आवश्यकता पड़ रही है। लगातार बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। निजी अस्पतालों में 10 ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की तैयारी हो रही है। इसके साथ ही जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी कमी बनी हुई है। जिले को गुरुवार 96 इंजेक्शन मिले हैं। बेहद कम मात्रा में इंजेक्शन मिलने के कारण मरीजों के परिजन भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दुकानों से इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं इस कारण से परिजन परेशान हो रहे हैं।

प्रभारी मंत्री का दौरा सिर्फ खानापूर्तिः

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा (गुड्डू) ने बुधवार को प्रभारी मंत्री कमल पटेल के एक दिवसीय दौरे को महज खानापूर्ति बताया है। जारी एक विज्ञप्ति में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि कोविड के प्रभारी मंत्री कमल पटेल कल गुपचुप बैतूल दौरे पर आए। इस समय जिले की जनता कोरोना महामारी से जूझ रही है। प्रभारी मंत्री को चाहिए था कि जिले में कोरोना पीड़ितों को रेमडेसिविर इंजेक्शन और आक्सीजन की आपूर्ति पूरी कराई जाती। मंत्री जी आए और आमजनों को घर में रहने के साथ सुरक्षित दूरी का पालन करने की अपील कर लौट गए। जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों तक से समस्या नहीं सुनी।

85 वर्षीय रामरती झाडे की इच्छा शक्ति से हारा कोरोनाः

जिले में कोरोना से बड़ी संख्या में मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। आठनेर के कोविड सेंटर में भर्ती 85 वर्षीय रामरती झाड़े ने चिकित्सकों के सहयोग से कोरोना को मात दे दी है। ग्राम नयेगोव निवासी रामरती बाई की कोविड रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई तो होम क्वारंटाइन कर दिया गया लेकिन बुखार 101 डिग्री एवं एसपीओटू स्तर 70 था। जिसके कारण इन्हें कोविड केयर सेंटर आठनेर में भर्ती कराया गया। रामरती को तत्काल आक्सीजन दी गई एवं आवश्यक उपचार प्रदाय किया गया । कोविड केयर सेंटर आठनेर के चिकित्सकों की पूरी टीम ने पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से इनकी देखरेख की । 29 अप्रैल को रामरती बाई झाड़े का बुखार सामान्य एवं ऑक्सीजन लेवल 98 पर आ गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ ऋषि माहौर एवं कोविड नोडल अधिकारी डॉ सुमित पटैया ने बताया कि 85 वर्षीय रामरती बाई की अदम्य इच्छा शक्ति के आगे कोरोना भी हार गया।

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