लग चुकी थी हाथों में मेहंदी, शुरू हो गई रस्में, प्रशासन ने निरस्त कर दी अनुमति

बैतूल मीडिया । जिले में प्रशासन द्वारा 50 लोगों की मौजूदगी में शादी की अनुमति दी गईं थी जिसके बाद लोगों ने रस्में प्रारंभ कर दी और दूल्हा-दुल्हन के हाथों में मेंहदी भी लग चुकी है। ऐसे में अचानक 21 अप्रैल की देर शाम बैतूल एसडीएम ने सभी अनुमति निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में उन परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कुछ तो देव और पित्र पूजन के बाद कार्यक्रम न करने काे अशुभ बता रहे हैं तो कई प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। इस मामले में कलेक्टर ने शासन के आदेश का हवाला देते हुए विशेष परिस्थिति में अनुमति देने के लिए एसडीएम को अधिकृत किया है।

प्रशासन के इस आदेश के कारण जिला मुख्यालय से लेकर गांव-गांव में लोग परेशान हो रहे हैं। बैतूल तहसील के शहरी क्षेत्र में विवाह समारोह के लिए एसडीएम ने 3 लोगों को अनुमति दी थी जो निरस्त हो गईं हैं। अनुमति के लिए 50 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किए हैं। बैतूल ग्रामीण क्षेत्र के लिए तहसील कार्यालय से 8 शादियों के लिए अनुमति दी गई थी और दर्जन भर आवेदन लंबित हैं।

मुलताई तहसीलदार सुधीर जैन ने बताया कि तहसील क्षेत्र में विवाह समारोह अनुमति के लिए 450 आवेदन आए थे। 250 विवाह समारोह की अनुमति दी गई थी जिन्हें निरस्त कर दिया गया है। आठनेर तहसील क्षेत्र में 21 शादियाें की अनुमति निरस्त हुई है। शाहपुर एसडीएम अनिल सोनी ने बताया कि शाहपुर क्षेत्र में 4 शादियों की अनुमति दी थी जिसे निरस्त कर दिया गया है वहीं घोड़ाडोंगरी तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा ने बताया कि तहसील क्षेत्र में कुल 18 शादियों की अनुमति दी थी जिन्हें शासन के आदेश पर निरस्त कर दिया गया है।

अनुमति मिलने के बाद घर में मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ करने वाले अनिल पवार ने बताया कि शादी के एक दिन पहले अनुमति निरस्त करना अनुचित है। विवाह के पहले होने वाली खनमिट्टी, मंडप, हल्दी सहित कई रस्में पूरी हो चुकी थीं। किराना सामग्री से लेकर सब्जी तक खरीदकर लाई गई है। एेसे में आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि प्रशासन ने पहले ही अनुमति नहीं देना था। और जिन लोगों को अनुमति दे दी गई है उन्हें भी 5 से 10 लोगों की मौजूदगी में शादी का कार्यक्रम घर में करने की छूट देना चाहिए था।

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पिछले अप्रैल में कोरोना के कारण विवाह नहीं कर पाए थे और इस बार मुहूर्त भी अप्रैल में ही एक तिथि का मुहूर्त पर विवाह करने के लिए मजबूर थे। अब प्रशासन के आदेश से वे संकट में आ गए हैं। इस संबंध में कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस का कहना है कि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण और शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी विवाह समारोह को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। सामान्य तौर पर किसी को भी विवाह समारोह की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में विवाह समारोह के लिए एसडीएम को अनुमति देने का अधिकार है।

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