बैतूल : BJP सांसद डी डी उइके कोरोना पॉजिटिव,ट्वीट कर दी जानकारी

बैतूल मीडिया || जिले में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को सांसद दुर्गादास उइके समेत 312 नए मरीज मिले हैं। सांसद ने इंटरनेट मीडिया पर इस संबंध में जानकारी देकर संपर्क में आने वालों से जांच कराने की अपील की है। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 8774 लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। जिले में वर्तमान में 1677 एक्टिव केस हैं। लगातार बढ़ते मरीजों के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड के साथ ही वेंटिलेटर सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।

जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में शासन द्वारा 60 मरीजों को भर्ती करने की अनुमति दी गई है लेकिन 80 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए कलेक्टर ने घर में सिलिंडर रखने पर पाबंदी लगा दी है। ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता होने पर सीएमएचओ की अनुमति से प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं निजी अस्पतालों में मरीजों से मनमाना शुल्क वसूलने की शिकायतों के बाद एक टीम का गठन भी किया गया है। आइडीएसपी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में मंगलवार को 312 कोरोना पॉजीटिव मरीज मिले हैं। इनमें जिला चिकित्सालय बैतूल के अंतर्गत 37, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहरा के अंतर्गत 17, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर के अंतर्गत 66, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत 8,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर के अंतर्गत 3, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही के अंतर्गत 15, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिचोली के अंतर्गत 13, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर के अंतर्गत 50, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला के अंतर्गत 30, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुलताई के अंतर्गत 51 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पटट्न के अंतर्गत 22 मरीज शामिल हैं।

निजी व्यक्ति अपने पास नहीं रख पाएंगे ऑक्सीजन सिलिंडरः

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमनबीर सिंह बैंस ने जिले की राजस्व सीमाओं में निजी व्यक्ति द्वारा अपनी अभिरक्षा में ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर रखा जाना प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जनजीवन की रक्षा हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन के संज्ञान में यह तथ्य आ रहा था कि जिले में कतिपय व्यक्तियों द्वारा अपने घरों में अनाधिकृत रूप से ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर रखे गए हैं, जिनकी जानकारी प्रशासन को नहीं होती। उपरोक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर द्वारा कोविड मरीजों को समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने की दृष्टि से किसी भी निजी व्यक्ति द्वारा अपनी अभिरक्षा में ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर रखा जाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है।

कलेक्टर ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को आपात परिस्थिति में ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता होने पर उसे ऑक्सीजन प्राप्ति हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आवदेक की आवश्यकता का आकलन कर अनुमति प्रदान करेंगे। विभिन्ना औद्योगिक इकाइयों के पास वर्तमान में उपलब्ध ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर के स्टॉक की जानकारी महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा संकलित की जाकर सीइओ जिला पंचायत की उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसी औद्योगिक इकाइयों के पास उपलब्ध ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर का कोविड-19 संक्रमित मरीजों के उपचार में उपयोग हेतु समुचित निर्णय लेने हेतु सीइओ जिला पंचायत अधिकृत होंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/औद्योगिक इकाई के प्रबंधक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के साथ ही भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम दिनांक 23 मार्च 2020 की कंडिका-10 के अंतर्गत उल्लेखित विधि प्रावधानों अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने दल गठितः

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमनबीर सिंह बैंस द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु चिन्हित चिकित्सालयों में उपचार हेतु भर्ती किए गए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्था के सतत निरीक्षण, जांच तथा आवश्यक कार्रवाई हेतु दल गठित किया है।

उक्त दल में अनुविभागीय दण्डाधिकारी बैतूल सीएल चनाप,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी एवं जिला चिकित्सालय के कोविड प्रभारी डॉ. सौरभ राठौरको शामिल किया गया है। यह दल कोविड-19 के उपचार हेतु जिले के चिन्हित निजी चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर इंजेक्शन के अभिलेख की जांच, अभिलेख अनुसार मरीजों के उपचार हेतु उपयोग एवं स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेंगे। सूक्ष्‌मता पूर्वक जांच उपरांत यह सुनिश्चित करेंगे कि दवाइयों एवं ऑक्सीजन ऑक्सीजन सिलिंडर की कोई कालाबाजारी तो नहीं हो रही है। दल द्वारा यह जांच की जाएगी कि चिन्हित निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 के मरीजों से निर्धारित राशि से अधिक राशि की वसूली तो नहीं की जा रही है। दल द्वारा यह जांच की जाएगी कि कोविड-19 के उपचार हेतु चिन्हित निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल (मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाइजेशन) का पालन हो रहा है।

कोविड मरीजों को भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकेंगे चिन्हित निजी चिकित्सालयः

कलेक्टर बैंस ने बताया कि यह भी तथ्य संज्ञान में आया है कि जिले के जिन निजी चिकित्सालयों को कोविड-19 के मरीजों के उपचार हेतु निर्धारित किया गया है उनके द्वारा कोविड-19 के मरीजों को उनके अस्पताल में भर्ती करने से इंकार किया जा रहा है। कोविड-19 के उपचार हेतु जिले में चिन्हित किए गए निजी चिकित्सालयों द्वारा किसी मरीज को भर्ती करने से इंकार करने संबंधी शिकायतें प्राप्त होने पर उक्त दल द्वारा तत्काल जांच कर संबंधित चिकित्सालय प्रबंधक/संचालक के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005, एपिडेमिक एटक् 1897 एवं मप्र शासन द्वारा दिनांक 23 मार्च 2020 को जारी एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 विनियमन 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सीइओ ने कोविड उपचार व्यवस्थाओं का अवलोकन कियाः

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल त्यागी द्वारा मंगलवार को ग्राम सेहरा में बनाए गए कोविड केयर सेंटर, फीवर क्लीनिक एवं कंट्रोल रूम का अवलोकन किया गया। अवलोकन के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं में और सुधार हेतु आवश्यक निर्देश मौके पर उपस्थित बीएमओ तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैतूल को प्रदान किए। त्यागी द्वारा सेहरा एवं खेडला में बनाए गए कंटेनमेंट जोन तथा क्वारंटाइन सेंटर का भी अवलोकन भी किया गया। श्री

स्व सहायता समूह की महिलाएं दे रही पहराः

जिले में कोरोना महामारी के फैलने से रोकने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। जिसके लिए शासन द्वारा जनता कर्फ्यू भी प्रत्येक जगह लगाया गया है। इसी कड़ी में आजीविका मिशन के माध्यम से ग्राम पंचायत खेड़ली में गठित महिलाओं के स्व सहायता समूहों के ग्राम संगठन ने भी एक अभिनव पहल की है।महिला आजीविका ग्राम संगठन, खेडली की महिला सदस्यों ने कोविड-19 बचाव दल के सहयोग से ग्राम में जनता कर्फ्यू लगा दिया है। बिना कारण किसी को घर से बाहर निकलने एवं घूमने हेतु प्रतिबंधित किया है। बिना मास्क के निकलने पर चालानी कार्यवाही की हिदायत दे रही हैं। ग्राम संगठन की महिलाओं द्वारा गांव के प्रवेश मार्ग पर नाकाबंदी कर पहरा भी दिया जा रहा है।

कोविड सेंटर में सामग्री दान कीः

हमलापुर कोविड सेंटर बैतूल को स्वास्थ्य उपकरण एवं उपयोगी सामग्री एक संगठन ने प्रदान की है।संगठन द्वारा 1 बी पेप मशीन, 1 रेफ्रिजरेटर, 2 कूलर , 1 पल्स आक्सीमीटर , 50 सैनिटाइजर,100 सर्जिकल मास्क प्रदान किए हैं।

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