हवा उगल रहे हैंडपंप, नदी में झिरिया खोदकर पानी का इंतजाम कर रहे ग्रामीण

बैतूल मीडिया || भीमपुर विकासखंड में आने वाली ग्राम पंचायत बाटलाखुर्द में पानी का संकट गहरा गया है। गांव के दो ढानों में निवास करने वाले लोगों को पीने के पानी का नदी में झिरिया खोदकर इंतजाम करना पड़ रहा है। सुबह से ग्रामीण सिर पर बर्तन रखकर गांव से आधा किलोमीटर की दूरी पर टांडई नदी के उन डोह पर पहुंचते हैं जहां पानी मौजूद है।

उसके आसपास रेत में गहरा गड्ढा खोदकर उसमें से रिसकर आने वाले पानी को धीरे-धीरे बर्तनों में छानकर भर रहे हैं। इसी पानी का उपयोग ग्रामीण पेयजल के रूप में भी कर रहे हैं। 2300 की आबादी वाला ग्राम 4 ढानों में बसा हुआ है। इनमें पेयजल के लिए 12 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं जिनमें से मात्र 4 ही पानी उगल रहे हैं शेष जल स्तर नीचे चला जाने से बंद हो गए हैं।

ग्राम पंचायत बाटलाखुर्द के सागौनढाना में वर्तमान में एक भी हैंडपंप में पानी नही है जिससे ग्रामीणों को टांडई नदी में मौजूद पानी का ही सहारा बचा है। ग्राम पंचायत बाटलाखुर्द में 1 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से मुख्यमंत्री नल-जल योजना स्वीकृत कर टंकी निर्माण करने के साथ ही पाइप लाइन भी बिछाई गई है। ग्राम के शंकर चौहान ने बताया कि पानी की टंकी में पाइप भी जोड़ दिए गए लेकिन उसमें पानी आज तक नहीं भरा गया है। टंकी में पानी पहुंचाने के लिए 3 नलकूप खनन किए गए हैं

जिनमें से दो में पानी भी है लेकिन ठेकेदार द्वारा आज तक मोटर ही नहीं लगाई गई है। ग्राम में 3 साल से टंकी के माध्यम से ग्रामीण पानी की सप्लाई होने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा कई बार ठेकेदार से भी संपर्क कर मोटर लगाने के लिए कहा गया लेकिन वह कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव को भी समस्या से अवगत कराया लेकिन वे भी दो ढानों में पेयजल की व्यवस्था नहीं बना पा रहे हैं। ग्रामीण मंहगीलाल, नानू, फागीलाल, सीताराम ने बताया कि अगर पानी सप्लाई जल्द से जल्द से शुरू नही की गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

न्यूज़ को शेयर करने के नीचे दिए गए icon क्लिक करें

बहुचर्चित खबरे