आधी रात को अंतिम संस्कार का फरमान, परिजनों को थमा दिए पीपीइ किट

मुलताई। नगर के गांधी चौक से फव्वारा चौक मार्ग पर निवासरत एक व्यापारी की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मृतक के परिजनों को आधी रात को ही अंतिम संस्कार करने का आदेश दे दिया गया और परिजनों को 2 पीपीइ किट के अलावा कुछ भी नही दिया गया। कोई व्यवस्था न होने के कारण परिजन आधी रात में अधिकारियों को सहयोग के लिए फोन लगाते रहे लेकिन किसी ने कोई मदद नही की। परेशान परिजनों द्वारा जैसे-तैसे सुबह लगभग 3 बजे मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों सहित व्यापारियों में रोष व्याप्त है तथा अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत कलेक्टर बैतूल से की गई है।

कलेक्टर से की गई शिकायत में व्यापारी सुमीत शिवहरे, संदीप सोनी, अर्जुन अग्रवाल, आशिष सोनी, निलेश भार्गव, नमन भावसार, कपिल साहू, सौरभ जोशी, नितेश राऊत, प्रकाश सेवतकर, गौरव परांजले, मनीष खंडेलवाल, संदीप जैन, राहुल भार्गव, मनीष जैन, दीपेश अग्रवाल, सुरेन्द्र अरोरा, सतीष अग्रवाल, श्याम भार्गव, सुमित जैन, हुसैनी बोहरा, कपिल खंडेलवाल, राजेश अग्रवाल, अभिषेक शर्मा, पंकज अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, संदीप खंडेलवाल तथा अभिषेक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत में प्रशासन को व्यवस्था करना था लेकिन पूरी तरह लापरवाही बरती गई। आधी रात को अंतिम संस्कार करने का तो कहा गया लेकिन व्यवस्थाएं कुछ भी नही थी ना ही कोई कर्मचारी ही दिए गए जिससे मृतक के परिजनों को ही जैसे-तैसे व्यवस्था कर अंतिम संस्कार करना पड़ा। एैसी स्थिति में अधिकारियों की संवेदनहीनता सामने आई है जिससे लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही करते हुए रात में कोरोना सें संक्रमित मौत पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित कराना आवश्यक है ताकि फिर कोई मृतक का परिजन परेशान ना हो सके।

बैतूल से नागपुर ले जाते समय हुई थी मौतः

नगर के किराना व्यापारी का बैतूल के निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था लेकिन स्थिति गंभीर होने पर नागपुर एंबुलेंस से उपचार के लिए ले जाया जा रहा था। इस दौरान रात लगभग 11.30 बजे मुलताई के पास व्यापारी की मौत हो गई जिसकी जानकारी कुछ लोगों द्वारा बीएमओ डा.पल्लव को दी गई थी। इधर अधिकारियों को मौत की सूचना मिलने पर उन्होंने रात में ही शव का अंतिम संस्कार का कहा गया लेकिन व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ 2 पीपीइ किट भी दी गईं। मृतक के परिजन रात को शव का अंतिम संस्कार के लिए लकडिय़ों सहित अन्य सामान के लिए परेशान होते रहे। नियमानुसार अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन को कर्मचारी भी दिए जाने थे लेकिन अधिकारियों द्वारा फोन भी रिसीव नही किए गए।

मृतक कोविड संक्रमित था इस कारण रात में ही अंतिम संस्कार का कहा गया था। इसके लिए बाडी सूट एवं 2 पीपीइ किट उपलब्ध करा दी गईं थी। एक कोरोना संक्रमित शव का अंतिम संस्कार रात में ही कराया गया था जिसके बाद प्रयास करने के बावजूद रात में कर्मचारी नही मिल सके।

सुधीर जैन, तहसीलदार, मुलताई

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