दोपहर 12 बजे सूने ताप्ती तट पर गूंजी घंटियां, लगे रामलला के जयकारे

बैतूल मीडिया || पवित्र नगरी में रामनवमी पर्व पर सूने ताप्ती तट पर दोपहर 12 बजे घंटियां गूंजी तथा मंदिर के पुजारियों ने रामलला के जयकारे लगाए। लाकडाऊन के कारण मात्र गिने चुने लोगों की उपस्थिति में प्राचीन राम मंदिर, लक्ष्‌मीनारायण मंदिर, जगदीश मंदिर तथा सत्यनारायण मंदिर में रामनवमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान पूरा ताप्ती तट सूना नजर आया। विगत वर्ष भी लाकडाऊन के कारण एैसी ही स्थिति निर्मित हुई थी। प्राचीन राम मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पारंपरिक तौर पर राम जन्मोत्सव मनाया गया जिसमें पंडित विश्वकसेन देशमुख द्वारा महाराष्ट्रीयन पद्धति से भगवान राम की प्रतिमा के समक्ष खड़े होकर भजन गाए गए। इस दौरान पूरे ताप्ती तट पर घंटों एवं घंटियों की आवाज गूंजती रही वहीं जगदीश मंदिर में विधि विधान से पूजन कर रामनवमी मनाई गई। इसके अलावा गांधी चौक स्थिति राम मंदिर में भी पूजा अर्चना कर विधि विधान से राम जन्मोत्सव मनाया गया तथा प्रसादी का वितरण किया।

दो वर्ष से रामनवमी पर नही हो रहे आयोजनः

पिछले वर्ष भी रामनवमी के पूर्व ही लाकडाऊन लगने से रामनवमी पर सार्वजनिक रूप से कोई आयोजन नही हुए थे वहीं इस वर्ष रामनवमी पर्व की श्रद्धालु बेसब्री से राह देख रहे थे ताकि अपने आराध्य का जन्मोत्सव धूमधाम से मना सके लेकिन इस वर्ष भी रामनवमी के पूर्व लाकडाऊन लगने से रामनवमी पर कोई सार्वजनिक आयोजन नही हो सके तथा श्रद्धालुओं ने घरों में ही पूजन पाठ करके रामनवमी मनाई।

हर्षोल्लास की जगह ताप्ती तट रहा सूनाः

लाकडाऊन के कारण रामनवमी जैसे महापर्व पर ताप्ती तट पूरी तरह सूना-सूना नजर आया। विगत वर्षों में रामनवमी पर्व के लिए जहां पूर्व से ही व्यापक तैयारियां की जाती थी तथा रामनवमी के एक दिन पूर्व से ही सार्वजनिक आयोजन प्रारंभ हो जाते थे तथा रामनवमी पर्व पर ताप्ती तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती थी तथा शाम को श्रीराम की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाता था वहीं इस वर्ष रामनवमी पर टोटल लाकडाऊन के कारण हर्षोल्लास की जगह ताप्ती तट सूना नजर आया तथा मंदिरों के संचालकों सहित पुजारियों सहित गिने चुने लोगों द्वारा दोपहर 12 बजे राम जन्मोत्सव मनाया गया।

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