Lockdown में छोटे व्यापारियों की हालत खराब,निर्धन एवं मध्यम वर्ग प्रभावित

 बैतूल मीडिया || लाकडाऊन के लगातार बढे से अब निर्धन एवं मध्यम वर्ग की स्थिति खराब होने लगी है वहीं छोटे व्यापारियों की भी स्थिति ठीक नही है। लाकडाऊन के दौरान जिन व्यापारियों की घर में दुकान है वे घर से सामान बेच रहे हैं। जिन व्यापारियों की किराए की दुकानें हैं वे मायूस हैं। लाक डाऊन के बढे के साथ-साथ अब समस्याएं भी गहराने लगी हैं जिससे छोटे व्यापारी अधिक प्रभावित हुए हैं। साप्ताहिक बाजार अथवा मार्ग के किनारे फुटकर दुकानें लगाकर अपनी आजिविका चलाने वाले व्यापारी पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके हैं। छोटा व्यवसाय होने से इतनी बचत भी नही रहती कि वे महीनों अपना खर्चा बिना कमाए चला सकें। इधर लाक डाऊन में बड़े व्यवसायी जिनके घरों में ही दुकानें हैं वे खासा धंधा कर रहे हैं। बताया जा रहा है व्यापारी छोटे दरवाजे से ग्राहकों को दुकान में अंदर कर बदस्तूर धंधा कर रहे हैं लेकिन समस्या उन दुकानदारों को है जिनकी किराए की दुकान है वे दुकान खोल नही सकते वहीं खर्चे चालू हैं लेकिन धंधा नही कर सके। हालांकि प्रशासन द्वारा कई बड़े दुकानदारों का भी चालान बनाया गया है साथ ही प्रशासनिक टीम एैसी दुकानों की टोह लेती भी घूमती नजर आ रही है जो सामने से दुकानें बंद कर पीछे से धंधा कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी ऐसे व्यापारियों का धंधा चालू है। इधर प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार उन्हे जब भी एैसी सूचना मिलती है वे तत्काल कार्यवाही कर रहे हैं।

किराना दुकान पर 5 हजार रुपये का जुर्मानाः

राजस्व विभाग की टीम ने मुख्य मार्ग पर एक किराना दुकान पर 5 हजार रुपये की चालानी कार्यवाही की है। बताया जा रहा है कि दुकानदार द्वारा दुकान के पास जालीदार गेट खोलकर ग्राहकों को सामान दिया जा रहा था। राजस्व टीम के अनुसार दुकानदार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। तहसीलदार सुधीर जैन ने बताया कि कुंड गली में भी एक छोटी किराना दुकान खुली थी जिस पर जुर्माना किया गया। राजस्व टीम ने कृषि उपज मंडी में लग रही सब्जी मंडी का भी निरीक्षण किया साथ ही वहां मौजूद व्यापारियों एवं किसानों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। बताया जा रहा है कि पारेगांव रोड पर भी लगने वाली सब्जी की दुकानों को वहां से हटाया गया साथ ही सब्जी विक्रेताओं को चेतावनी दी गई।

तीन से चार दिन लगातार विवाह मुहुर्तः

अप्रैल में 22 से लेकर 26 तारीख तक लगातार विवाह मुहुर्त हैं जिससे लोग चोरी छिपे ही सहीं लेकिन खरीदी करने को मजबूर हैं। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में कई माह पूर्व ही विवाह तय हो चुके हैं। बाद में लाक डाऊन लगने से परिस्थितियां बदल गई हैं। बदले हालातों में भी जिनके विवाह तय हो चुके हैं वे शादी आगे करने के पक्ष में नजर नही आ रहे। हालांकि वस्तुस्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने विवाह की तिथियां आगे बढ़ा दी हैं लेकिन इसके बावजूद चार से पांच दिनों में बड़ी संख्या में विवाह होने जा रहे हैं।

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